चातुर्मास्य व्रत पूर्ण कर परमाराध्य शङ्कराचार्य पधारेंगे काशी मे

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वाराणसी :परमाराध्य परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती 1008 अपना 21वाॅ चातु र्मास्य व्रत पूर्ण कर मध्य प्रदेश के परमहंसी गंगा आश्रम से सीमोल्लंघन के पश्चात् सिवनी होते हुए काशी पधारेंगे ।


भाद्रपद पूर्णिमा को बरहेटा जिले में परमाराध्य शङ्कराचार्य का सीमोल्लंघन सम्पन्न होगा।इसके बाद आश्विन कृष्ण द्वितीया को ब्रह्मलीन द्विपीठाधीश्वर जगद्गुरु शङ्कराचार्य जी महाराज की वार्षिक समाराधना सम्पन्न होगी, इसके बाद वे तीन दिन सिवनी क्षेत्र में विविध धार्मिक आयोजनों में भाग लेते हुए आगामी दिनाङ्क 6 अक्टूबर को काशी पहुँचेंगे।

ज्ञातव्य है कि विगत दिनों काशी में एक पत्रकार वार्ता में उन्होंने यह इच्छा व्यक्त की थी कि कोरोना काल में जितने भी लोग देश और विदेश में मृत्यु को प्राप्त हुए और जिन लोगों का विधि-विधान से अन्तिम संस्कार तक नहीं हो पाया था उन सबकी सद्गति के लिए काशी में श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा आयोजित होगी और वैदिक पण्डितों से उन सबके लिए तर्पण आदि धार्मिक कृत्य भी सम्पन्न होंगे; 

अपनी इसी इच्छा को मूर्त रूप देने वे काशी पधार रहे हैं।उक्त जानकारी देते हुए, ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि काशी आगमन पर शंकराचार्य जी महाराज का भक्तों द्वारा भव्य स्वागत व चरण पादुका पूजन किया जायेगा।

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