संपत्ति विवाद को लेकर पद्मभूषण छन्नूलाल मिश्र की सुपुत्री ने किया प्रेस कॉन्फ्रेंस

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वाराणसी। विश्व प्रसिद्ध संगीतकार पद्म भूषण छन्नू लाल मिश्र की सुपुत्री ममता मिश्रा ने उनके खिलाफ उनकी बहन  नम्रता मिश्रा द्वारा रची जा रही साजिश को  लेकर कैंट स्थित प्रताप पैलेस होटल में प्रिंस कॉन्फ्रेंस किया


,प्रेस कॉन्फ्रेंस  के दौरान पत्रकारों को ममता मिश्रा ने बताया कि मैं और बहन नम्रता मिश्रा, भाई पंडित राम कुमार मिश्र एक साथ परिवार में रहते थे  तथा सभी लोग एक राय होकर किसी मुद्दे पर विचार विमर्श करते रहते थे। लेकिन सम्पत्ति को लेकर नम्रता की नियत खराब हो गई। उसने पिताजी का संचित धन और माता जी का गहना हड़पने के बाद महमूरगंज स्थित मकान को कुटरचित दस्तावेज के जरिए मेरा व भाई पं० राम कुमार मिश्र का फर्जी दस्तखत करके नगर निगम मे अपना नाम चढ़वा लिया है, जो कि सरासर गलत है।

जब मुझे जानकारी हुई तो मैं अपने अधिवक्ता द्वारा मुआयना कराया तब इस धोखाधड़ी का पता चला तो मैंने इसका जबरदस्त विरोध किया,उन्होंने कहा कि इन्हीं बातों को लेकर नम्रता ने पिताजी को अपने प्रभाव में लेकर उनका कान भरा तथा उन्हें गुमराह कर मेरे खिलाफ प्रेस कांफ्रेंस के जरिए मीडिया में पिताजी से झूठ कहलवा कर  मनगढंत, बेबुनियाद एवं विधि विरुद्ध तरीके से मुझ पर आरोप लगवाकर समाज और रिश्तेदारों में मेरी छवि खराब करने का प्रयास किया।ममता मिश्रा ने कहा कि जबकि सत्यता यह है कि मेरी शादी के बाद से ही नम्रता की नीयत सम्पत्ति को लेकर खराब हो गई और साजिश के तहत मुझे और मेरे पति को पिताजी से ना तो मिलने मिलने देती ना ही बात करने देती है। यहां तक की मोबाइल नम्बर भी ब्लाक कर रखा है। उन्होंने बताया कि एक बार होटल Castile में पारिवारिक मीटिंग के दौरान नम्रता ने गुस्से में मेरी बांये हाथ की छोटी अंगुली मरोड़ कर तोड़ दी। मुझे अब यह डर सता रहा है कि जो बहन मेरी अंगुली तोड़ सकती है, सम्पत्ति के लालच में वह अब कुछ भी कह सकती है। क्योंकि वह वसीयत कराने की बात को लेकर मुझे और मेरे पति को झूठे केस में फंसाने तथा जान से मारने की धमकी दिया करती थी। अब मुझे डर है कि वह मुझे किसी भी तरह का नुकसान पहुँचा सकती है।  उन्होंने कहा कि पूर्व में प्रेस कान्फ्रेंस के माध्यम से नम्रता ने पिताजी से जो बुलवाया, वह सब बातें गलत तथा निराधार है। जिसमें पिताजी का कोई हाथ नहीं है ना ही कोई गलत मंशा थी।मुझे अपने पिताजी से कोई भी शिकायत नहीं है वो वास्तविकता से अनभिज्ञ है।

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