बनारस की बेटी अंकिता वर्मा ने मेंहदी से मर्यादा पुरषोत्तम श्री रामचंद्र जी का चित्र बनाकर वर्ल्ड ग्रेटेस्ट रिकॉर्ड में कराया अपना नाम दर्ज

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वाराणसी।महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ललित कला विभाग की छात्रा रह चुकी सुश्री अंकिता वर्मा द्वारा मेंहदी से श्री मर्यादा पुरुषोत्तम राम जी की छवी आकृति बनाई गई है,जो ग्रेटेस्ट वर्ल्डस रेकॉर्ड्स  में दर्ज हुई है। उस चित्र का विमोचन दिनांक 19 जनवरी 2024 को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय के सोशलवर्क विभाग के राजाराम शास्त्री सभागार में कुलपति प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी के कर कमलों द्वारा किया गया।


एवम कलाकार अंकिता वर्मा को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्विद्यालय के ललित कला विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर सुनील कुमार विश्वकर्मा द्वारा प्रमाण पत्र एवम मेडल दिया गया।अंकिता वर्मा ने पिछले साल ही बहुत लगन के साथ रंग के किसी प्रकार या कलम पेंसिल के द्वारा नही बल्कि हाथों में रचने वाली मेंहदी का घोल तैयार कर,सूखने के उपरांत मेंहदी धरातल से छूटे नहीं जिसके लिए उन्होंने घोल में लिक्विड का प्रयोग कर कोन बनाकर अपने इस मर्यादा पुरुषोत्तम राम जी के चित्र के कार्य को पूर्ण किया। विश्वविद्यालय में परीक्षा एवम शीत लहर के कारण विमोचन में इंतजार करना पड़ा।अंकिता कहती है कि वह प्रधानमंत्री मोदी के कार्य और उनके विचारों से प्रभावित होकर यह कार्य किया। यह कार्य करने को अंकिता वर्मा ने बहुत पहले से ही मन बना लिया था जिसे उन्होंने सितंबर 2023 में पूर्ण किया। 4 फिट लंबे और 2 फिट चौड़े डब्लू पी सी बोर्ड पर लगातार कुल 3 घंटे 24 मिनट का समय में कड़ी मेहनत के साथ पूरा किया।मेंहदी का भी कोर्स आपने छोटी उम्र में पूर्ण कर पहला स्थान लाकर प्रमाण पत्र हासिल किया था।



 इससे पहले भी अंकिता वर्मा ने प्रधानमंत्री मोदी से प्रभावित होकर 25001 राम नाम लिखित चावल के दानों से  प्रधानमंत्री मोदी  का चित्र बनाया था,और अपना नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया में दर्ज किया था।अंकिता वर्मा की इच्छा है कि वह अपने हाथों से चित्रित प्रधानमंत्री मोदी का चित्र उन्हें भेंट करें। परन्तु कोई न कोई समस्याओं के कारणवश यह कार्य अभी तक संभव नही हो पाया है।अंकिता वर्मा स्वयं को बहुत सौभाग्य शाली मानती है कि उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी की छवि बनाई।



 वो भी तब जब श्री राम नगरी अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के कार्य का निश्चय किया गया है।अंकिता वर्मा की इच्छा थी कि वो श्री राम जी के छवि को प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर राम मंदिर में भेंट करे लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के यह कहने पर कि किसी भी तरह की भीड़ 22 जनवरी को इकट्ठा न हो इसलिए यह कार्य सम्भव नहीं हो पाया।अंकिता वर्मा मूलतः गाजीपुर की रहने वाली है परंतु बाल्यावस्था से ही वह शिव नगरी बनारस में रह कर ही अपनी शिक्षा दीक्षा पूर्ण किया। अंकिता वर्मा बनारस शहर के साथ साथ अपने मूल स्थान गाजीपुर और अपने गांव परिवार का भी नाम रोशन कर रही है।

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