बरेका ने माह जनवरी में 55 विद्युत रेल इंजनों का रिकार्ड उत्पादन कर किया कीर्तिमान स्थाबपित

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वाराणसी।बनारस रेल इंजन कारखाना ने जनवरी, 2024 में अब तक का सर्वाधिक मासिक विद्युत लोको उत्पादन कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। जनवरी, 2024 के मात्र 26 कार्य दिवस में अपनी समर्पित सेवा भाव, परिश्रम एवं कार्य कुशलता का परिचय देते हुए टीम बरेका के कर्मियों ने 55 विद्युत लोको अर्थात् 02 रेल इंजन प्रतिदिन से भी अधिक का उत्पादन किया। इससे बरेका न सिर्फ मासिक विद्युत लोको उत्पावदन में इतिहास रचा है


बल्कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान सर्वाधिक रेल इंजन उत्पादन कर एक अन्य कीर्तिमान भी स्थापित किया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान जनवरी माह तक ही 379 रेल इंजन, जिसमें 375 विद्युत रेल इंजन एवं 04 डीजल रेल इंजन बना कीर्तिमान स्थापित कर इतिहास रचा है। विदित हो कि इससे पूर्व जून 2023 में सर्वाधिक मासिक उत्पादन 51 विद्युत लोको का उत्पादन कर कीर्तिमान बनाया था।



 जिसे जनवरी, 2024 में 55 रेल इंजनों का निर्माण कर अपने ही रिकॉर्ड को पार कर लिया है। इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान 367 रेल इंजन का उत्पादन कर कीर्तिमान स्थापित किया था, जबकि वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान जनवरी माह तक ही 379 रेल इंजन बनाकर रिकार्ड स्थापित किया है । बरेका का यह एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है। यह रिकॉर्ड बेहतर कार्य प्रबंधन के लिए शॉप फ्लोर की उत्कृष्ट योजना और बाधा रहित सामग्री उपलब्धता के परिणाम स्वरूप कायम हो सका। इस प्रकार बरेका भारतीय रेल के विदयुतीकरण विस्तार के साथ-साथ कदम से कदम मिलाकर विद्युत रेल इंजनों की आपूर्ति करने के लिए अग्रसर हो रहा है।बरेका कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने चुनौती का सामना करते हुए नया कौशल अर्जित किया और शॉप फ्लोर, मशीन, जिग एवं फिक्सचर तथा विद्युत रेल इंजनों के उत्पादन के लिए योजना प्रक्रिया को पुनर्गठित किया। इस प्रक्रिया का ही परिणाम है, कि मात्र एक माह में 55 विदयुत रेल इंजनों के उत्पादन का रिकार्ड कायम किया गया, जबकि इसी एसेम्बली लाइन से निर्यात एवं गैर रेल ग्राहकों हेतु डीजल रेल इंजन का भी निर्माण किया जाता है।



 महाप्रबंधक बासुदेव पांडा के कुशल नेतृव में समर्पित टीम बरेका नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है जिससे विश्वस्तरीय ब्रांड के रूप में देखा जाएगा। महाप्रबंधक, बरेका बासुदेव पांडा स्वयं शॉप फ्लोर  जाकर अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के संचालन में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बरेका की यह उपलब्धि ऐतिहासिक है। महाप्रबंधक  बासुदेव पांडा ने इस ऐतिहासिक कीर्तिमान के लिए बरेका कर्मशाला पहूँचकर टीम बरेका को बधाई दी तथा कहा कि उत्पादन की यह गति सम्पूर्ण बरेका टीम की कड़ी मेहनत, समर्पण और रणनीतिक योजना के प्रति हमारे संकल्प को दोहराता है। इस उपलब्धि के लिए महाप्रबंधक पांडा ने लोको डिविजन को पचास हजार रूपये ,इंजन डिविजन को दस हजार रूपये तथा स्टोर डिपो को पांच हजार रूपये के पुरस्कार देने की घोषणा की। इस अवसर पर बरेका के प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर एस.के.श्रीवास्ताव सहित समस्त प्रमुख मुख्य विभागाध्य्क्ष,वरिष्ठ अधिकारी,कर्मचारी सहित  काफी संख्या में महिला कर्मचारी उपस्थित थी ।

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