यदि संस्कृत राष्ट्र भाषा बने तो पुनः भारत विश्व गुरु बनेगा:राज्यमंत्री रविन्द्र जायसवाल

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वाराणसी।भारतीय संस्कृति से ही भारत विश्व गुरु था, यदि संस्कृत राष्ट्र भाषा बने तो पुनः भारत विश्व गुरु बनेगा।संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है।यदि संस्कृत के विद्यार्थियों को आज स्मार्टफोन के माध्यम से डिजिटल तकनीक से जोड़ा जा रहा है तो निश्चित ही वेद शास्त्रों के साथ-साथ ज्योतिष शास्त्र में बहुत सहायक सिद्ध होगा।कुंडली आदि की गणना करने में सरलता होगी।


उन्हें इसका प्रयोग सकरात्मक रूप से करते हुए राष्ट्र कल्याण के लिए रचनात्मक भूमिका निभाना चाहिए।युवाओं के सहयोग से विकसित भारत का सपना साकार होगा।उक्त विचार सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी मुख्य भवन में अपरान्ह 2:00 बजे उत्तर प्रदेश शासन के द्वारा स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजनान्तर्गत सत्र 2022-23 के शास्त्री तृतीय, ग्रंथालय एवं सूचना विज्ञान शास्त्री के छात्रों को स्मार्टफोन के कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश स्टाम्प और कोर्ट शुल्क,पंजीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)रविन्द्र जायसवाल ने बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किया है।

मुख्य अतिथि राज्यमंत्री  जायसवाल ने कहा कि विद्यार्थियों की सुविधा के लिए जो छात्रावासों में रहते है उनके लिए व्यायाम आदि के लिए विभिन्न तरह के संयंत्र/ झूला आदि लगाने के लिए विधायक निधि से दिया जाएगा।विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि काशी समर्पण की धरती है, काशी ज्ञान की राजधानी है, ज्ञान का संवर्धन- पोषण इस संस्था के द्वारा किया जा रहा है। यह संस्था ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी का प्रांगण है

 जो कि  हमारे तपस्वी मनस्वी आचार्यों की साधना से ही सम्पूर्ण देश को संस्कृत, संस्कृति एवं संस्कार के प्रकाश से प्रकाशित कर रही है।हमारी साँस्कृतिक परंपराओं एवं भारतीय ज्ञान परंपरा की रक्षा इसी विश्वविद्यालय से पोषित है।कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि "जिस ओर जवानी चलती है उस ओर जमाना चलता है" युवाओं की बदौलत ही भारत वैश्विक पटल पर स्थापित होगा, विश्व गुरु का दर्जा युवाओं के आगे बढ़ने से सम्भव होगा।काशी से जो आवाज निकलती है वह देश की आवाज होती है।काशी सांसद देश के यशस्वी प्रधानमन्त्री हैं, प्रत्येक आवाज उनकी है।आज युवाओं के परिश्रम की बदौलत ही सफ़लता से उन्हें स्मार्टफोन देकर डिजिटल युग के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।इस भौतिक उपकरण का सकारात्मक सदुपयोग कर आप आपने भविष्य को स्वंय के हित तथा राष्ट्र कल्याण में लगाएं।स्मार्टफोन पाते ही विद्यार्थियों के चेहरे खिले, हर्षित होकर उन्होंने कहा कि आज डिजिटल युग में स्मार्टफोन, टैबलेट आदि के माध्यम से लोगों से जुड़ने तथा दुनिया की सारी जानकारी प्राप्त होती है।


 अन्य शैक्षिक संस्थानों से जुड़ने में सहायक होगा।नोडल अधिकारी मोहित मिश्र ने बताया कि स्मार्टफोन योजना(स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना) के अंतर्गत आज यहाँ के सत्र 2022-23 के शास्त्री अंतिम वर्ष ,बीएड एवं बी•लिब• के 344 विद्यार्थियों को स्मार्टफोन दिया गया है।आज के समय में विद्यार्थियों को सरकार के सहयोग से स्मार्टफोन देकर उन्हें समय के साथ जोड़ दिया गया है।दो दर्जन छात्राओं ने भी स्मार्टफोन पाकर हर्षित हुई।.



डॉ विशाखा शुक्ला ने संचालन किया।मंगलाचरण, दीप प्रज्वलन,माँ सरस्वती जी के प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।मंच पर आसीन अतिथियों का चन्दन, माला, अंगवस्त्रम एवं नारिकेल के देकर स्वागत और अभिनंदन किया गया है। छात्रः कल्याण संकाय के अध्यक्ष प्रो हरिशंकर पाण्डेय जी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।कुलसचिव राकेश कुमार,प्रो रामपूजन पाण्डेय,प्रो हरिशंकर पाण्डेय,प्रो हीरक कांत चक्रवर्ती,प्रो जितेन्द्र कुमार शाही,प्रो रमेश प्रसाद, प्रो महेंद्र पाण्डेय,प्रो विधु द्विवेदी,प्रो राघवेन्द्र जी दुबे,  प्रो•विजय कुमार पाण्डेय,प्रो अमित कुमार शुक्ल, डॉ विशाखा शुक्ला ।

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