देव भाषा की रक्षा संस्कृत के ज्ञान केंद्रों से ही सम्भव है*-- कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा

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वाराणसी।परीक्षा की शुचिता और संस्कृत की रक्षा करना हम सभी का दायित्व है।उक्त विचार सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय,वाराणसी के कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने दिनांक 27 फरवरी 2024 से 06 मार्च 2024 तक होने वाली शास्त्री/आचार्य के सेमेस्टर परीक्षा में गोपनीय प्रपत्रों का थैला एवं सादी उत्तर पुस्तिका प्राप्त करने आये देशभर के संबंद्ध महाविद्यालयों के केन्द्राध्यक्षों/प्राचार्यों से व्यक्त किया। कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि संस्कृत देववाणी भाषा है इसकी रक्षा संस्कृत के ज्ञान केंद्रों से ही सम्भव है,


इसलिये आप सभी अपने-अपने संस्थानों में पठन-पाठन और परीक्षा को शुचिता और विधिक रूप से संपादित कराएं।परीक्षा नियंत्रक प्रो सुधाकर मिश्र ने बताया कि शास्त्री प्रथम सेमेस्टर सत्र 2023-26 के बैक /श्रेणी सुधार व एकविषयक एवं शास्त्री द्वितीय सेमेस्टर सत्र 2022- 25 तथा आचार्य प्रथम सेमेस्टर सत्र2023-25 व तृतीय सेमेस्टर सत्र 2022- 24 के संस्थागत व्यक्तिगत भूतपूर्व बैक /श्रेणी सुधार एवं एक विषयक परीक्षा होने जा रहा है।आज से दिनाँक 25 फरवरी 2024 तक गोपनीय प्रपत्रों का थैला एवं सादी उत्तर पुस्तिका एवं अन्य सामग्रियों को प्राप्त करने के लिए 188 प्राप्त किया,जिसके लिए आज उत्तरप्रदेश के रायबरेली, कानपुर,प्रतापगढ,गाजीपुर,संतरविदासनगर(भदोही),बहराईच,बस्ती,चन्दौली,जौनपुर,वाराणसी,सोनभद,बाराबंकी,कौशाम्बी,मिर्जापुर,अम्बेडकरनगर,बलिया,आजमगढ,मऊ,अमेठी/सुल्तानपुर,प्रयागरज, महाराजगंज,अयोध्या, विश्वविद्यालय परिसर के परीक्षा केंद्रों के केन्द्राध्यक्षों को बुलाया गया था।ज्ञातव्य हो कि देश भर में 330 परीक्षा केंद्र बनाये गये 



हैं जिसमें लगभग 26 हजार परीक्षार्थी परीक्षा देंगे।परीक्षा नियंत्रक प्रो मिश्र ने बताया कि बहुत शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा प्रपत्रों का वितरण किया गया है।जिसमें कुलपति द्वारा यह निर्देश दिया गया है कि किसी भी प्राचार्यों  को कोई समस्या न होने पाये, उनका सहयोग किया जाये।विधिक रूप से सामग्रियों का वितरण भी किया जा रहा है।

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