उत्तर प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों के विकास के लिए जीएनआईओटी ग्रुप सदैव तत्पर : डॉ राजेश गुप्ता

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वाराणसी।देश के विकास में शिक्षा के क्षेत्र में अ‌द्भुत एवम दृढ़संकल्प के साथ काम करने वाली दिल्ली एनसीआर के ग्रेटर नोएडा स्थित प्रतिष्ठित एवं नामी संस्था जीएन भाईबोटी ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूशन के सदस्यों द्वारा आज पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर स्थित एक निजी होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया ।


सर्वप्रथम समूह के चेयरमैन डॉ राजेश गुप्ता ने उपस्थित समस्त मीडिया से आए हुए अतिथियों का धन्यवाद प्रेषित करते हुए भारतीय प्रजातंत्र के चौथे स्तंभ रूप से इस प्रजातंत्र को सुदृढ़ बनाने वाले मीडिया एवं मीडिया जगत के नामचीन हस्तियों को धन्यवाद प्रेषित किया और उन्होंने बताया की किस तरीके से आज के इस प्रगतिशील भारतीय अर्थव्यवस्था एवं प्रजातंत्र में मीडिया अपनी भूमिका बहुत ही दृढ़ता से निभा रहा है।


 इस दृढ़ता का ही परिणाम है कि ज्ञान,विज्ञान, अनुसंधान, एवं राजनीति ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं है जो मीडिया एवं उनके प्रभावों से अछूता रह है। मीडिया अपनी भूमिका समाज सेवा के भाव से इस प्रति प्रतिपादित कर रहा है की जिसकी प्रशंसा अतुलनीय एक सराहनीय है। आज के दौर में जनता की बातों को समाज, देश एवं विश्व के पटल पर सत्यता से साझा करना, निडट निर्भीक पत्रकारिता करना कोई आसान बात नहीं है।जीएनआईओटी प्रबंधन अध्ययन संस्थान, जीआईएमएस द्वारा इस आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संस्थान द्वारा मैनेजमें शिक्षा जगत में किए गए अद्भुत कार्य एवं संस्था द्वारा देश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए किए जा रहे है निरंतर प्रयासों को मीडिया से आए हुए बंधुओ से साझा किया।



 उन्होंने बताया की आज जीएनआईओटी एजुकेशन समूह द्वारा आयोजित इस प्रेस कांफ्रेंस का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश राज्य में उच्च शिक्षा के लिए उत्सुक एवं नियमि ऊंचाइयों को छूने वाली आकांक्षाओं के लिए एक आशा की किरण के रूप में संस्थान द्वारा किए जा रहे प्रयासों को विद्यार्थीयों के साथ साझा करने हेतु ही आयोजित किया गया है।संस्था के चेयरमैन डॉ राजेश गुप्ता ने जीएनआईकोटी एजुकेशनल समूह द्वारा विगत 22 वर्षों में किस भाति एक छोटे से संस्थान से प्रारंभ किए गए एक प्रयास को लाज देश के टॉप संस्थाओं के प्रारूप के तौर पर देखा जा सकता है इस पूरी जीवन प्रक्रिया को उन्होंने मीडिया बंधु से साक्षात्कार के दौरान रखा और यह बात स्थापित करने की प्रयास किया कि उनके पूजनीय पिताजी द्वारा सोचे गए एक सपने को बैंने एक मूर्त रूप प्रदान किया गया। 



उन्होंने बताया की विगत 22 बच्चों में हम जीएनआईओटी समूह परिवार इंजीनियरिंग,प्रबंधन, वैचलर्स का बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, बैचलर्स आफ कंप्यूटर एप्लीकेशन, मास्टर्स ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन,मास्टर्स एंड टेक्रो एएनएम, बीएससी नर्सिंग, बीएससी कंप्यूटर साइंस, बैचलर्स कॉमर्स,फार्मेसी, पोस्टखेजुएट रिप्लोमा इन मैनेजमेंट, पीजीडीएम जैसे उच्च शिक्षा के कोसों को अपने समूह के अंदर में लगभग सात विभित्र संस्थाओं के द्वारा समाज एवं समाज सेवा हेतु संचालित कर रहे हैं। उन्होंने स्कूल शिक्षा में भी अपने द्वारा किए जा रहे प्रयास एवं स्थापित किए हुए संस्थान का विवरण दिया। विगत 22 वर्षों में संस्थान द्वारा लगभग 18000 से ज्यादा पुरातन छात्र है, उन्होंने यह साझा किया की आज वह समय आ गया है की जब भी किसी भी मल्टीनेशनल कंपनी के किसी भी पदाधिकारी से मिलता हूं तो मुझे वहां मुझे वहां जीएनआईओटी एजूकेशनल समूह के छात्रों की उपस्थिति का पता चलता है कि यह आज दुनिया के हर उसे बड़ी कंपनियों में कार्यरत हैं जहां लोगों के लिए एक ड्रीम् नौकरियां होती हैं। आज संस्थान के पास अपना समय के मांग के अनुरूप उच्च स्तर का एक इनोवेशन सेंटर है जो नवीन उपकरणों से लैस है, सिक्षक जो उच्च शिक्षा ग्रहण कर चुके हैं और अनुसंधान में अग्रसर है। संस्थान के पास अपने खुद के छात्रावास हैं जिनके अंदर छात्र अनुरूप व्यवस्थाएं स्थापित की गई है ताकि घर से दूर होकर भी उनका घर जैसी सुविधाएं मुहैया कराई जा सके। संस्थान से बाहर रहने वाले छात्रों के लिए भी संस्थान द्वारा विभिन्न माध्यम से ट्रांसपोर्ट सुविधा प्रदान की जाती है ताकि आसपास रहने वाले विद्यार्थीयों के लिए भी संस्थान पहुंचना आसान किया जा सके। 



भविष्य में आज के बदलती हुई अर्थव्यवस्था,तकनीक, संसाधनों की आवश्यकतालों एवं विकसित भारत की सोच के अनुरूप सिक्षण शिक्षार्थियों एवं शिक्षकों को तैयार करने हेतु संस्थान अपनी पूर्ण निष्ठा से कार्यरत रहेगा। कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए संस्थान के सीईओ  स्वदेश कुमार सिंह ने सर्वप्रथम समस्त मीडिया,इस प्रेस बंधुओं का अभिवादन किया तथा शिक्षा जगत में मीडिया द्वारा निभाए जा रहे अहम रोल की विस्तारपूर्वक चर्चा की।उन्होंने बताया की आज देश की हर छोटी से बड़ी बात मीडिया के माध्यम से कैसे विद्यार्थियों तक आसानी से निशुल्क घर बैठे पहुंचाई जाती है जिससे विद्यार्थी लाभान्वित होते हैं। उन्होंने बताया की संस्था में वाराणसी एवं आसपास से बड़ी संख्या में विधार्थी अध्यनरत है तथा संस्था इन विद्यार्थियों के समुचित विकास के लिए दृद्धसंकल्पित है। संस्था का मुख्य उद्देश्य अपने यहां अध्यनरत विद्यार्थीयों को आज के समय के मांग के अनुरूप शैक्षिक एवम बौद्धिक रूप से विकसित करना है। उन्होंने कहा संस्थान द्वारा संचालित जीएनबाईोर्ट। प्रबंधन अध्ययन संस्थान में पीजीडीएम कोर्स इस पूरी सोच का एक जीवंत उदाहरण है।


 उन्होंने बताया जब संपूर्ण विश्व करोना जैसी महामारी से ग्रसित एवं भयभीत था जहां हर तरफ डर एवं अवसाद का वातावरण था उस समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक कथन को आत्मसात करते हुए "आपदा में अवसर" को पूर्णता क्रियान्वित करते हुए जीआईएमएस संस्थान की स्थापना की और इतना ही नहीं इस संस्थान में शिक्षा, एवं शैक्षणिक गुणवत्ता को अति विशेष महत्व प्रदान किया गया। उन्होंने बताया की संस्थान इस अल्पकाल में ही अपनी पहचान केवल दिल्ली एनसीआर तक ही नहीं अब तो इस भारत भूखंड के अनेक राज्यों में अपनी पहचान बन चुका है। उन्होंने बताया कि इस पहचान का ही फल स्वरुप है कि पिछले कई वर्षों से संस्थान में भारत लगभग 22 राज्यों से आए हुए विद्यार्थी जीएनबाईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूतंस में अपनी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने बताया प्रतिवर्ष हम अपने ही स्थापित किए हुए वैचमार्क को तोड़ रहे हैं और एक नए पायदान को स्थापित करते चल रहे चाहे वह छात्रों का हम पर विश्वास हो, चाहे प्लेसमेंट हो, बाहे रिसर्च हो या शिक्षा में नवीन गुणवत्ताओं के मापदंड को स्थापित करना हो, इन सभी मापदंडों में हमारा संस्थान अग्रसर है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए हुए विभिन्न मीडिया के सदस्यों द्वारा पूछे गए सवालों के उत्तर देते हुए जीएनआईआईटी संस्थान के सदस्यों ने बताया कि की संस्थान विगत वर्षों में कैसे इस तरीके की ऊंचाइयों तक पहुंच पाया है। आज के समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था के अनुरूप छात्रों को तैयार करने हेतु, संस्थान इंटरनेशनल इमर्शन प्रोग्राम आयोजित करता है जिसमें संस्थान में अध्यनरत विद्यार्थियों का समूह को रिभिन्न देशों के वर्ल्ड क्लास विश्वविद्यालय के साथ एक्सचेंज प्रोग्राम के माध्यम से भेजा जाता है। इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य एक अच्छी सोच व विचारधारा के साथ उस व्यक्तित्व का निर्माण करना जो भारत राष्ट्र को विकसित राष्ट्र की श्रेणी में शामिल कर सके, ऐसे उत्तम ज्ञान बाले मानव संपदा का निर्माण करना है। आज के समय में पाठ्यक्रमों में एवं व्यवसायिक जगत में आ रहे बदलाव को देखते हुए इंडस्ट्री इंटरेक्शन संस्थान की शिक्षण पद्धति का एक मूल भाग है जिसमें समय अंतराल पर कारपोरेट जगत से एक्सपर्ट को छात्रों के बीच संवाद स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया जाता है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में संस्था के ग्रुप हेड आउटरीच पंकज कुमार ने इतनी बड़ी संख्या में शिक्षा से संबंधित कार्यक्रम में

आने के लिए समस्त मीडिया बंधुओं का तहे दिल से धन्यवाद प्रेषित करते हुए समस्त मीडिया से उत्तर प्रदेश राज्य के मेधावी विद्यार्थियों के लिए संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयासों में सहयोग की अपील की। उन्होंने बताया की संस्था में उत्तर प्रदेश राज्य से अध्यनरत विद्यार्थियों द्वारा अपने मेहनत एवंम मेधा के बल पर कई मुकाम हासिल किए गए है, यहां के विद्यार्थियों में टैलेंट की कोई कमी नहीं है। इस राज्य के विद्यार्थी मेहनती होते हैं तथा इन्हीं कारणों से संस्था के चेयरमैन सर के दिशा निर्देश में आज हमलोग उत्तर प्रदेश राज्य के विद्यार्थियों में छुपी प्रतिभा को बाहर निखारने के उद्देश्य से आज हमलोग वाराणसी शहर में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए हैं। जीएनआईओटी ग्रुप तकनीकी, मैनेजमेंट, फार्मेसी, लॉ इत्यादि उच्च शिक्षा के लिए उत्तर प्रदेश राज्य के विद्यार्थियों को हर संभव मदद करती जा रही है तथा आगे भी इस राज्य में शिक्षा के विकास के लिए कई तरह के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।संस्था के सीईओ स्वदेश कुमार सिंह ने बताया की आज संस्था द्वारा संध्या में एक कार्यक्रम आयोजित कर पूरे वाराणसी एवम आसपास के शहरों से शिक्षा के क्षेत्र में अद्भुत कार्य करने वाले शिक्षाविदों को भी आमंत्रित किया गया है तथा उन्हें संस्था द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य के अति विशिष्ट गणमान्य अतिथियों के हाथों उन शिक्षविदों द्वारा किए जा रहे कार्यों के अनुरूप सम्मानित करने का भी कार्य किया जा रहा।आज के इस प्रेस कांफ्रेंस के दौरान संस्था के चेयरमैन डॉ राजेश गुप्ता, सीईओ स्वदेश कुमार सिंह एवम ग्रुप हेड आउटरीच पंकज कुमार के अलावा संस्था के विमल सिंह, उमेश सिंह, रूपेश राव, अमित रंजन, विवेक सिंह गौतम, आशीष तोमर, अभिनय राज, सिरिजा, चारु, शालिनी सहित बड़ी संख्या में वाराणसी एवम आसपास के शहरों के शिक्षाविद शामिल हुए।

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