पुलिस आयुक्त द्वारा राजपत्रित अधिकारियों व थाना प्रभारियों सग की गई गोष्ठी

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वाराणसी।णसीलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल द्वारा लोक सामान्य निर्वाचन 2024 के दौरान कमिश्नरेट के पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया व वी.आई.पी. विजिट को मेहनत व लगन से सकुशल सम्पादित कराये जाने पर जाने पर समस्त पुलिस टीम को बधाई व शुभकामनायें दी गयी। इसके साथ ही पुलिस आयुक्त द्वारा आने वाले समय में वाराणसी पुलिस की प्राथमिकताओं के बारें में बताया। गोष्ठी में संयुक्त पुलिस आयुक्त मुख्यालय एवं अपराध के. एजिलरसन, अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था एस. चन्नप्पा सहित कमिश्नरेट वाराणसी के समस्त राजपत्रित अधिकारी व प्रभारी निरीक्षक थानाध्यक्ष उपस्थित रहे।


यातायात-शहर क्षेत्र में कहीं भी जाम की समस्या न उत्पन्न हो। प्रत्येक थाने का 25 प्रतिशत फोर्स मुख्य मुख्य चौराहें पर लगाया जाए।जाम लगने वाले चौराहो/तिराहों को चिन्हित कर ट्राफिक एजवाइजरी कमेटी गठित कर स्थानीय लोगों के अनुभव का लाभ लिया जाए। कमिश्नरेट वाराणसी में आगामी बीएड व यूपीएससी प्री-परिक्षाओं के दृष्टिगत यातायात व पार्किंग की व्यवस्था की जाए। जिससे बाहर से आने वाले परिक्षार्थियों का यातायात सम्बन्धित असुविधाओं न हो।



जनसंवाद-सभी थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से पैदल गश्त करें। पैदल गस्त के दौरान स्थानीय लोगों/व्यापारियों से संवाद स्थापित करें। थाना प्रभारी गस्त के दौरान अपना विजिटिंग कार्ड स्थानीय लोगों को दें। जिससे सूचना तंत्र मजबूत हो।

गस्त के दौरान बिना नम्बर गाड़ी, संदिग्ध व्यक्तियों/वाहनों की चेकिंग की जाए।




जनता से विनम्र व शालीन व्यवहार रखें। जनशिकायतों का निस्तारण-सभी राजपत्रित अधिकारी व थाना प्रभारी नियमित 10.00- 12.00 बजे तक अपने कार्यालयों में बैठे व जन शिकायतों का सुनकर उसका निस्तारण करायें।थानों पर प्रभावी हेल्प डेस्क स्थापित कर दक्ष पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगायें जिनकी 24×7 मौजूदगी सुनिश्चित रहें।प्रार्थना पत्रों के निस्तारण में शिकायतकर्ता/पीड़ित से वार्ता करें एवं की गयी कार्यवाही से उसे अवश्य अवगत करायें। महिला सम्बन्धित शिकायतों को टाल-मटोल न कर संज्ञान में लेकर त्वरित निस्तारण किया जाए। बच्चों एवं लड़कियों की गुमशुदगी के मामलों की राजपत्रित अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जाए। कोई भी प्रार्थना पत्र बिना आवेदक का बयान, घटना स्थल का भ्रमण किये बिना निस्तारित नहीं माना जायेगा।विवेचनाओं का निस्तारण-लम्बित विवेचनाओं की समीक्षा कर उनका शीघ्र निस्तारण किया जाए। 




किसी भी दशा में 03 माह से अधिक समय तक विवेचनाएं लम्बित न हो।न्यायालय से सम्बन्धित प्रकरण को प्राथमिकता पर रखकर निस्तारित किये जाए।अन्य निर्देश-बीट पुलिसिंग को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए व महिला आरक्षियों को भी बीट आवंटित किये जाए।बीट पुलिस कर्मचारी सप्ताह में 02 बार अपने बीट का भ्रमण अवश्यक करें व पासपोर्ट/चरित्र सत्यापन/लाइसेंस व प्रार्थना पत्रों की जांच करें। पुलिस आफिस व थाना परिसर की साफ-सफाई व शौन्दर्यकरण पर नियमति रूप से बल दिया जाए।

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