दहेज हत्या को लेकर पीड़िता जानकी देवी ने आला अधिकारियों से न्याय की लगाई गुहार।

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 वाराणसी । दिनांक 17 अगस्त, मेरी बेटी लक्ष्मीना की शादी तीन वर्ष पूर्व, वाराणसी के लंका थानांतर्गत मदरवा गाव निवासी दीपू साहनी से हुई थी।‌ दि0 24.06.23 को, दहेज के लिये ससुराल वालों द्वारा लक्ष्मीना की हत्या कर दी गई तथा लक्ष्मीना की हत्या के लिये उकसाने, प्रताणित करने तथा साक्ष्य को मिटवाने मे सोहता थानातर्गत ग्राम छितौनी निवासी उसके नंदोई संतोष कुमार लाल जो पेशे से  वकील की अहम भूमिका रही है।

उक्त बातें मृतक लड़की की मां जानकी देवी ने आज गोलघर स्थित पराड़कर स्मृति भवन के सभागार में पत्रकार वार्ता में कहीं।

पत्रकारों से जानकी देवी ने कहा कि लक्ष्मीना को कोई औलाद नहीं थी। संतोष कुमार लाल (नंदोई) आये दिन मेरी बेटी से छेडखानी करता था तथा बुरी नजर रखता था और आये दिन वह (मेरी बेटी के घर) अपने ससुराल आता-जाता था तथा संतान पैदा करने के लिये दबाव बनाता था। संतोष कुमार लाल  मेरी बेटी व मुझसे दहेज के लिये लक्ष्मीना के पति दीपू, सास, ससुर के साथ दो लाख रुपये, सोने की सिकड़ी व अंगुठी तथा बुलेट की मांग करता था तथा प्रताणित करता था। इस विषय में हम लोग लक्ष्मीना के सास, ससुर, दीपू से कई बार शिकायत कर पंचायत भी किये थे।

उन्होंने कहा कि हम लोगों ने  शादी में अपाचे आर0 टी0 आर0 बाइक टी0 वी0 एस0 फाइनें द्वारा लोन पर लेकर दिये थे तथा उक्त अपाचे मोटर बाईक को नंदोई संतोष कुमार लाल अपने उपयोग के लिये अपने घर छितौनी उठा ले गया था। अपाचे मोटरबाईक का बकाया किस्त हमारे द्वारा नगद दिया जाता था, किंतु नंदोई संतोष कुमार लाल एडवोकेट उक्त धनराशि को जमा नहीं करता था। लक्ष्मीना, अपने पति दीपू से मोटरबाईक को संतोष कुमार लाल से वापस लाने के लिये, हमेशा वाद-विवाद करती थी जिसकी वजह से दीपू लक्ष्मीना को मारता पीटता था । लक्ष्मीना के दहेज मृत्यु के बाद, दि० 30.06.2023 को, संतोष कुमार लाल एडवोकेट ने (टी0वी0एस0 मे कार्यरत) अपने जिगरी दोस्त लल्लू यादव के सहयोग से साक्ष्य मिटाने के लिये हेरा-फेरी करके, अपाचे मोटर बाईक यू०पी० 65 डी० एक्स० 2101 को एजेंसी को वापस सुपुर्द करा दिया है, ताकि वह अपने किये गये गुनाह से बच सके । इस सम्बंध में लंका थाना मे, मु० अ० स० 0243/2023 पंजीकृत कराया गया है।  इस दहेज हत्याकांड के घटना की शिकायत पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों से लगातार किया गया परंतु अब तक हम लोगों के द्वारा जमा कराये गये शिकायत पत्र एवं बयान को अनदेखा व अनसुना किया गया है। अब तक, जांच अधिकारी से कोई भी सहयोग नही मिल पाया है तथा हम लोग घटना के जांच से असंतुष्ट है । पुनः विवेचना उसी विवेचना अधिकारी सी०ओ० भेलूपुर को दे दी गई है जो मुख्य अभियुक्त संतोष कुमार लाल को बचाना चाहते है। अतएव पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों से प्रार्थना है कि आरोपियों गिरफ्तार करके मृतका पक्ष को न्याय दिलाया जाए।

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