परंपरागत तरीके से 3 सितंबर को मनाया जाएगा प. कमलापति त्रिपाठी जयंती वं राष्ट्रीय सम्मान समर्पण समारोह

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वाराणसी :परम्परागत पं. कमलापति त्रिपाठी जयन्ती एवं पं. कमलापति त्रिपाठी राष्ट्रीय सम्मान समर्पण समारोह इस वर्ष भी तीन सितम्बर को औरंगाबाद स्थित त्रिपाठी आवास परिसर में आयोजित हो रहा है। पूर्वाहन 11 बजे आयोजित जयंती समारोह में जेएनयू के पूर्व आचार्य एवं संघ लोकसेवा आयोग सदस्य रहे राष्ट्रीय ख्याति के साहित्यकार प्रो. पुरुषोत्तम अग्रवाल को 2023 के ₹ एक लाख पुरस्कार धनराशि सहित पं. कमलापति त्रिपाठी राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत किया जायेगा।

औरंगाबाद में एक पत्रकार वार्ता के बीच समारोह आयोजन जानकारी देते हुए पं. कमलापति त्रिपाठी फाउंडेशन के अध्यक्ष राजेशपति त्रिपाठी ने बताया कि समारोह में मुख्य अतिथि प्रो. अग्रवाल का "पं. नेहरू की धर्म नीति" विषय पर विशेष व्याख्यान भी होगा। उनके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय का विशिष्ट अतिथि के रूप में विशेष सान्निध्य रहेगा,अध्यक्षता सिंचाई आयोग के पूर्व अध्यक्ष विजय शंकर पाण्डेय करेंगे।राजेश त्रिपाठी ने बताया कि हर वर्ष इस परम्परागत आयोजन के मौके पर पं. कमलापति त्रिपाठी की अब अप्राप्य पुस्तकीय रचनाओं को पुनः प्रकाशित करने के क्रम में इस वर्ष "बंदी की चेतना" का प्रकाशन फाउंडेशन द्वारा हो रहा है। उसके नवप्रकाशित संस्करण का समारोह में लोकार्पण भी किया जायेगा।

 उल्लेखनीय है कि यह पुस्तक 1942 के भारत छोड़ो आन्दोलन में अपने जेल जीवन में पं.कमलापति द्वारा अपने 15 वर्षीय बड़े पुत्र लोकपति त्रिपाठी को जेल से लिखे गये शिक्षाप्रद पत्रों का संकलन है. जिसका प्रकाशन 1946 में हुआ था। ज्ञातव्य है कि ढाई वर्ष से लंबी अपनी उस पांचव एवं अंतिम जे यात्रा में नैनी सेंट्रल जेल में सम्पादक कमलापति त्रिपाठी ने बापू और मानवता" एवं "बापू और भारत जैसे ग्रंथों का भी लेखन किया था

,जिसमें बापू और मानवता पर उन्हें उस दौर में हिन्दी ग्रंथ लेखन का 1 हजार का शीर्ष सम्मान "मंगला प्रसाद पारितोषिक" मिला था।राजेश पति त्रिपाठी ने परम्परागत रूप इस समारोह में भाग लेते रहे काशीवासियों से इस वर्ष भी समारोह में भाग लेने की अपील की है।

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 बेख़ौफ़ खबर भारत न्यूज़ 

                          बृजेश कुमार सिंह की रिपोर्ट

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