हमारी संस्कृति एवं दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है गणित

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वाराणसी। शिक्षाशास्त्र विभाग महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के संगोष्ठी कक्ष में राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया गया तथा एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसका विषय था "संस्कृति एवं दैनिक जीवन में गणित का महत्व"परिचर्चा पर व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि गणित हमारे दैनिक दिनचर्या का एक मुख्य अंग होता है । इसके माध्यम से जीवन में गणित की गणनाओं को आसानी से हल किया जा सकता है।


गणित के बिना तकनीकी और प्रौद्योगिकी के साथ शिक्षा की प्रक्रिया के बारे में सोच पाना भी असंभव है। गणित तकनीकी और विज्ञान के क्षेत्र में निर्णायक भूमिका निभाती है जिससे  हमारा जीवन सरल और सुगम बनता है। गणित दिवस के अवसर पर अपने मत प्रस्तुत करते हुए डॉ. राजेंद्र यादव ने कहा कि गणित व्यक्ति की तर्क क्षमता को बढ़ाती है 


जिससे समाज में तार्किक सोच रखने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि होती है ।डॉक्टर दिनेश ने दैनिक जीवन में गणित के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गणित दैनिक कार्यों में भी बहुत बड़ी भूमिका निभाती है जैसे घड़ी देखना,नोट गिनना, दैनिक खर्च का हिसाब रखना इत्यादि कार्यों में गणित की बहुत अधिक आवश्यकता होती है। वैदिक और व्यावहारिक गणित पर प्रकाश डालते हुए डॉ. पवन ने कहा कि गणित दिवस मनाने की मुख्य प्रक्रिया में विद्यार्थियों का ध्यान गणित की जटिलताओं से हटकर सरल और स्पष्ट ज्ञान पर आकर्षित करने का योगदान होता है ।



 कार्यक्रम का संचालन डॉ वीणा वादिनी एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अभिलाषा जायसवाल ने किया। कार्यक्रम में बी.एड. एवं एम. एड. के विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया । इस अवसर पर श्रीमती ज्योत्सना राय, शोधार्थी विनय सिंह सहित बी.एड. एवं एम.एड. के सभी विद्यार्थी उपस्थित थे।

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